खोयी हुई वस्तु के लिए पत्र

१२५, विकासनगर,
नयी दिल्ली – ७५

आदरणीय सिंह जी,
सादर नमस्कार ,आपको पत्र लिखकर ही मैं स्वयं को धन्य मान रहा हूँ कि आज एक ईमानदार व्यक्ति से वार्तालाप करने का अवसर मिला। मैं पिछले कई दिनों से काफी खिन्न था, क्योंकि मेरे लिए उपयोगी कागजात मेरी उस फाइल में था ,जो खो गयी थी। उस दिन विवश होकर मैं अपने लिए नए कागजात बनवाने का प्रबंध करने निकला ही था कि मेरी फाइल हाथ में लिए आपका छोटा भाई मेरे पास आया।  मुझे लगा मानों यह कोई स्वप्न हो और फाइल हाथ में लिए कोई देवदूत आया हो। सच, मुझे अपने सामान के मिल जाने की इतनी प्रसन्नता नहीं हुई, जितनी की इस बात की की अभी भी दुनिया में ईमानदारी शेष है। मैंने फाइल देख ली है.उसमें मेरा एक एक कागजात  प्रकार रखा हुआ है, जैसा पहले था। मैं आप जैसे ईमानदारी व्यक्ति के चरण छूता हूँ। आपकी ईमानदारी ने मेरे बुझे हुए मन में एक नवीन उत्साह की ज्योति जगा दी है।  मैं किन शब्दों में आपका आभार व्यक्त करूँ ! शब्द मेरे साथ नहीं दे रहे।यह घटना मेरे जीवन को सदा दिशा देती रहेगी। मैं पुनः आपकी प्रति आभार व्यक्त करता हूँ।

सधन्यवाद

भवदीय
रजनीश व्यास
दिनाँक – ०८/०१/२०१८

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