अपनी भूल के लिए क्षमा मांगते हुए अपने पिताजी को पत्र

१३५ विकासनगर
नयी दिल्ली – ७५
दिनांकः ३०/०९/२०१७

आदरणीय पिता जी,
सदर चरण स्पर्शपिता जी, मुझे पता है कि माता जी के द्वारा आपको मेरे दुर्व्यवहार के बिषय में पता चला है. मैं ह्रदय से आपसे भूल स्वीकार करता हूँ. मुझे क्षमा कर दीजिये ,मैं अपने किये पर बहुत शर्मिंदा हूँ. मैं गलत दोस्तों की संगत में पड़कर घर के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भुला बैठा, यह सु कर आपको निश्चय ही दुःख हुआ होगा, क्योंकि आपको मुझसे काफी आशाएँ हैं.मैं विश्वास दिलाता हूँ कि भविष्य  में ऐसी भूल फिर कभी नहीं होगी .मैं अपनी सभी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा व ईमानदारी से निभाऊंगा और एक आदर्श पुत्र बन कर दिखाऊंगा .

आपका आज्ञाकारी पुत्र
रविश कुमार

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